न तुम गलत न हम सही ये वक्त - वक्त की बात है
न तुम मेरे हुए न मैं तुम्हारा हुआ ये सब किस्मत की बात है
यूं तो कमी कुछ तुम्हें भी नहीं कमी कुछ मुझे भी नहीं
हो तो जाएं हम भी किसी और के बस अपनी अपनी चाहत की बात है
भले दूर हो तुम मुझसे और बेशक दूर हूं मैं तुमसे
कौन छीन ले खुदा से तुम्हें अपनी-अपनी इबादत की बात है
यूं पा तो हम भी लेते ज़माने से लड़ कर तुम्हें
पर क्या करें उल्फत में अपनी-अपनी शहादत की बात है
जिन्हें इश्क होता है सच्चा वो महका करते हैं सांसों में
वरना तो भुला देना किसी को इक रात की बात है
तुम गलत मैं सही या मैं गलत तुम सही फिजूल हैं बातें
अब इश्क में तोहमतें लगाना सियासत की बात है
जिसका होना था उसे वो हो चुका है उसका
उससे छीन लेना उसे वहशत की बात है..!!

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