शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

मैंने कुछ ऐसा सोचा है......

 


भींगती आँखों से जब उम्मीदें बहने लगे

सब तरह से हार जब सब्र को ढकने लगे,

तभ क्यूँ न आँखें मूंदकर क्यूँ न लम्बी साँस भर

उम्मीदों को बहने न दूँ सबको थमने न दूँ।

मैंने कुछ ऐसा सोचा है.......


जब कोई अजीज़ अपना यू छोडकर जाने लगे

वक़्त की मनमानियाँ हर-वक़्त तडपाने लगे,

क्यूँ न अपनी भूल पर क्यूँ न सबकुछ भूलकर

दुनियाँ को समझा करूँ वक़्त से लडता फिरूँ_____

मैंने कुछ ऐसा सोचा है।


बह रही उलटी हवाएँ बहे येह कबतक बहेगी

देखता हूँ अब भिड़े यह कितना भिड़ेगी

जब मुझे चलना ही है पथ पर बढना ही है।

तोह मैं ऐसे राह पर क्यूँ रुकूँ क्यूँ थमूँ??

मैंने कुछ.......


मैं समुन्दर की लहर हूँ नाह कोई सीपी मोती

कौन सा पथ दुर्गम मुझे है, किसने मेरी राह रोकी??

लाख़ सीपी पालता हूँ, पत्थरों को ढालता हूँ।

तोह इन उछलती नावों से क्यूँ छिपूं क्यूँ डरूँ_____

मैंने कुछ ऐसा सोचा है......


 भींगती आँखों से जब उम्मीदें बहने लगे

सब तरह से हार जब सब्र को ढकने लगे,

तभ क्यूँ न आँखें मूंदकर क्यूँ न लम्बी साँस भर

उम्मीदों को बहने न दूँ सभको थमने न दूँ।

मैंने कुछ ऐसा सोचा है।

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

यादें बस यादें हैं




 बटन ऊपर नीचे लगाना 

वो अपने बाल खुद न काढ पाना 

पी टी शूज को चाक से चमकाना 

वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...

वो बड़े नाखुनो को दांतों से चबाना 

और लेट आने पे मैदान का चक्कर लगाना 

वो prayer के समय class में ही रुक जाना 

पकडे जाने पे पेट दर्द का बहाना बनाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 


वो टिन के डिब्बे को फ़ुटबाल बनाना 

ठोकर मार मार उसे घर तक ले जाना 

साथी के बैठने से पहले बेंच सरकाना 

और उसके गिरने पे जोर से खिलखिलाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 


गुस्से में एक-दूसरे की 

कमीज पे स्याही छिड़काना 

वो लीक करते पेन को बालो से पोछते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना

 

वो games period के लिए sir को पटाना 

Class test को टालने के लिए उनसे गिडगिडाना 

जाड़ो में बाहर धूप में class लगवाना 

और उनसे घर-परिवार के किस्से सुनते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 


वो बेर वाली के बेर चुपके से चुराना 

लाल –काला चूरन खा एक दूसरे को जीभ दिखाना 

जलजीरा , इमली देख जमकर लार टपकाना 

साथी से आइसक्रीम खिलाने की मिन्नतें करते जाना 

 ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 

वो लंच से पहले ही टिफ़िन चट कर जाना 

अचार की खुशबूं पूरे class में फैलाना 

वो पानी पीने में जमकर देर लगाना 

बाथरूम में लिखे शब्दों को बार-बार पढके सुनाना 

 ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 

वो exam से पहले गुरूजी के चक्कर लगाना 

लगातार बस important ही पूछते जाना 

वो उनका पूरी किताब में निशान लगवाना 

और हमारा ढेर सारे course को देख चकराना 

 ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 

वो farewell पार्टी में पेस्ट्री समोसे खाना 

और जूनियर लड़के का डांस दिखाना 

वो टाइटल मिलने पे हमारा तिलमिलाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना 


वो मेरे स्कूल का मुझे यहाँ तक पहुचाना 

और मेरा खुद में खो उसको भूल जाना 

बाजार में किसी परिचित से टकराना

वो जवान गुरूजी का बूढ़ा चेहरा सामने आना ...

तुम सब अपने स्कूल एक बार जरुर जाना .....

पागल

  चलो मैं तुम्हें आज पागल सुनाता हूं , उसके दिल की हर एक बात तुम्हें बताता हूं,  वह यूं ही नहीं भटकता है दरबदर उसके भटकने का हर एक राज बताता...