गुरुवार, 14 जनवरी 2021

मरीचिका


 ♥️मैं अक्सर बातें करते करते गुम हो जाता हूं, मैं में नहीं रहता तुम हो जाता हूँ...❣️ खो जाता हूँ यादों में... ख्वाबों में...सुलझने कि कोशिश करता हूँ पर और उलझ जाता हूँ.... मैं, में नहीं रहता अक्सर तुम हो जाता हूँ... 


♥️करता हूँ जब बातें बरसों पुरानी... कर लेता हूँ बात जो दिल ने है जानी... जितना भुलाने कि कोशिश करता हूँ... समय बनकर और ज्यादा याद आता हूँ... मैं अक्सर में नहीं रहता तुम हो जाता हूँ... 


♥️ जीने की कोशिश में पल पल तुम्हें याद करता हूं... बिसरी बातों, रातों और चंद लम्हों को हर लम्हे में सदियों कि तरह जीता हूँ... जब देखता हूँ तुम्हें अपने इतने करीब.. हथेलियों में तुम्हारी तस्वीर... बस तुम्हारी आँखो में खुद का अक्स ढूँढ लिया करता हूँ... मैं में नहीं रहता अक्सर तुम हो जाया करता हूँ... 


♥️जब देखता हूँ तुम्हारे चेहरे को... पूरा जग भूल जाया करता हूँ.... तुम्हारी आँखों मैं बसे ख़्वाब और होंठों कि अनकही बातें पढ़ लिया करता हूँ... देखता हूँ जब चेहरे पर तिल तेरे.... होश खुद के उड़ा लिया करता हूँ... में अक्सर तुम हो जाया करता हूँ... 


♥️कानों कि बालियों से नथ तक कुछ यूँ नजरे जमा लिया करता हूँ जेसे शुक्र और शनि घूमते हैं अपनी सतह पर बस मैं भी यही बेठे बेठे तुम पर घूम जाया करता हूँ मैं अक्सर में नहीं रहता तुम हो जाया करता हूँ... 


♥️मेहसूस करता हूँ इन सर्द हवाओं में... इन फ़िज़ाओं में... इन सदियों जेसे बीत रहे लम्हों में... के कब तुम इन हथेलियों पर रखी स्क्रीन से बाहर आओगे और कब मेरा हाथ अपने हाथों मे दे कर पूरा करोगे अधूरे ख्वाबों को... किस्सों को... बातों को... कहानियों को... बस इसी उम्मीद में साल दर साल गुजारा करता हूं... मैं अक्सर में नहीं रहता... तुम हो जाया करता हूँ 🖤


पागल

  चलो मैं तुम्हें आज पागल सुनाता हूं , उसके दिल की हर एक बात तुम्हें बताता हूं,  वह यूं ही नहीं भटकता है दरबदर उसके भटकने का हर एक राज बताता...